

Dieumerci ! (2016)
चालीसवें दशक के मध्य में फंसा एक शख्स, कारावास की अंधेरी दुनिया से रिहा होकर, एक नई शुरुआत का सपना देखता है: अभिनय की दुनिया में अपनी किस्मत आज़माना। बरसों की सज़ा ने उसे भीतर से बदल दिया है, लेकिन उसके दिल में एक चिंगारी अभी भी बाकी है। क्या वह समाज की नज़रों में अपनी छवि सुधार पाएगा, और क्या अभिनय की मायावी दुनिया उसे अपनाएगी? यह कहानी है पश्चाताप, उम्मीद और एक असाधारण सपने को साकार करने की अथक कोशिश की, जो हमें सोचने पर मजबूर करती है कि क्या दूसरा मौका सच में मुमकिन है। उसकी यात्रा हमें दिखाती है कि इंसान अपनी नियति को बदलने की ताकत रखता है।








