

You Again (2010)
कितनी भी उम्र हो जाए, स्कूल के दिन भुलाए नहीं भूलते। सफल विज्ञापनकर्ता मार्नी, भाई की शादी में अपने गृहनगर लौटती है, जहाँ उसकी पुरानी दुश्मन उसकी भाभी बनने वाली है। वो लड़की सालों पहले किए अपने कारनामों को भूल चुकी है। तभी दुल्हन की रईस चाची आती है, और मार्नी की माँ का सामना भी अपनी स्कूल की प्रतिद्वंद्वी से होता है। इस मनोरंजक हास्य-व्यंग्य में, जब आप उस व्यक्ति से टकराते हैं जिसे भूलना चाहते हैं, तो पुराने घाव एक-एक करके फिर से हरे हो जाते हैं।








