

Remainder (2015)
एक अनाम शख्स कोमा से जागता है, हादसे में अपनी याददाश्त खो चुका है। बस धुंधली सी तस्वीर है - एक बच्चा सीढ़ियों पर खड़ा, नीचे खड़ी बूढ़ी औरत तक पहुँचने की कोशिश कर रहा है। वो फ्लैट खरीदकर, कलाकारों से उस दृश्य को बार-बार दोहराता है। जैसे-जैसे यादें लौटती हैं, वो ज़िन्दगी से जुड़ने में और बेबस होता जाता है, और ये पुनरावृत्तियाँ खतरनाक होती जाती हैं। यह फिल्म स्मृति, पहचान और वास्तविकता की जटिल परतों को उजागर करती है।








