

Poetry (2010)
시
"कविता" (2010): मिया, एक शांत उपनगरीय जीवन जीने वाली वृद्धा, अपनी पोती के साथ रहती है। एक कविता कक्षा में भाग लेने से मिया के जीवन में एक अप्रत्याशित मोड़ आता है। काव्य-लेखन का उनका पहला प्रयास, उन्हें जीवन को एक नए नज़रिए से देखने का अवसर देता है। लेकिन, धुंधलाती आँखों के साथ, मिया को एक ऐसी क्रूर वास्तविकता का सामना करना पड़ता है, जिसकी उन्होंने कल्पना भी नहीं की थी, और यह अनुभव उनकी आत्मा को झकझोर देता है।








