

PeeKay (2014)
पीके
एक रहस्यमय व्यक्ति भीड़भाड़ भरी शहर की गलियों में घूमता है, अद्वितीय और सोच-विचार करने पर मजबूर करने वाले प्रश्न पूछता है जो वर्तमान व्यवस्था को चुनौती देते हैं। केवल अपने रहस्यमय अक्षरों से पहचाने जाने वाले इस व्यक्ति की असली जिज्ञासा और मासूमियत उसे अप्रत्याशित यात्रा पर ले जाती है। इस यात्रा में उसे नई जान-पहचान, खुशी के क्षण और पुराने विश्वासों को छोड़कर अज्ञात को अपनाने की मुक्ति मिलती है। जैसे-जैसे वह शहर की गहराईयों में उतरता है, उसे पता चलता है कि कभी-कभी सबसे गहरे सत्य सबसे सरल प्रश्नों में छिपे होते हैं।








