

Parallel (2024)
अपनी संतान के दुखद निधन से व्याकुल वेनेसा, एकांत झील किनारे बने घर में शांति खोजती है। वहाँ, उसे समानांतर ब्रह्मांड से आई अपनी ही एक अलग प्रतिमूर्ति मिलती है। बहुब्रह्मांड के द्वार खुलने से, वेनेसा को अपने दर्द का सामना करने और मुक्ति पाने की उम्मीद बंधती है, पर ये द्वार उसे अनन्त निराशा में फंसा भी सकते हैं। क्या वेनेसा बहुब्रह्मांड के रहस्य खोलकर अपने दर्द से मुक्त हो पाएगी, या अनंत काल तक दुखी रहने को अभिशप्त होगी?


