

Kayıkçı (2025)
वर्ष 2085 में, एक शोकग्रस्त माँ एक युवा कर्मकांडी (Kayikci) को अपने बेटे को एक सुनसान विला में पुनर्जीवित करने के लिए नियुक्त करती है। जहाँ वास्तविकता खंडित हो जाती है, और एक निषिद्ध पुनरुत्थान एक भयावह रात को जन्म देता है। यह रात अनुष्ठानों से प्रेरित बेचैनी और बढ़ते हुए तनाव से भरी है। विला के भीतर, उम्मीदें और डर आपस में टकराते हैं, क्योंकि हर गुजरता पल अनिश्चितता की खाई को और गहरा करता है। क्या यह पुनरुत्थान आशा की किरण साबित होगा, या एक अथाह अंधेरे का स्रोत? यह रहस्य भयावह रातों की एक श्रृंखला को उजागर करता है।


