

Joyful Noise (2012)
जी.जी. स्पैरो और उसकी गायन मंडली के नए निर्देशक, वी रोज़ हिल, के बीच एक ज़ोरदार मुकाबला छिड़ जाता है। मुद्दा है मंडली की दिशा, क्योंकि वे एक राष्ट्रीय प्रतियोगिता की ओर बढ़ रहे हैं। संगीत के सुरों के बीच, अहंकार टकराते हैं और महत्वाकांक्षाएं उफान पर हैं। क्या जी.जी. और वी रोज़ अपने मतभेदों को भुलाकर मंडली को जीत की ओर ले जा पाएंगी, या व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाएं समूह की लय को बिगाड़ देंगी? एक उच्च-दांव वाला प्रदर्शन शुरू होने वाला है, जहाँ हर नोट मायने रखता है। यह देखना दिलचस्प होगा कि राष्ट्रीय मंच पर किसकी आवाज सबसे ऊंची उठती है।








