

Hotel Rwanda (2004)
1994, रवांडा। मानवता लहूलुहान थी, सड़कों पर लाशें बिछी थीं। हुतू और तुत्सी के बीच छिड़ी जातीय हिंसा में दुनिया तमाशाई बनी रही। ऐसे में, होटल मालिक पॉल ने असाधारण साहस का परिचय देते हुए अपने होटल को बारह सौ बेगुनाहों का अभयारण्य बना दिया। डॉन चीडल के यादगार अभिनय से सजी, यह फ़िल्म मानवीय त्रासदी और वीरता की एक अद्भुत गाथा प्रस्तुत करती है।








