

For Love and Honour (2007)
Kabadayı
अली उस्मान, जो कभी इस्तांबुल की गलियों में एक बदनाम बदमाश के रूप में जाना जाता था, अब एक नई शुरुआत कर चुका है और शहर के एक सिंथेटिक मैदान का प्रबंधन करता है। उसके पुराने दिन भले ही पीछे छूट गए हों, लेकिन कभी-कभी वह अपने पुराने दोस्तों से टकरा जाता है, जो खुद भी पूर्व बदमाश थे। एक दिन, अली उस्मान को अप्रत्याशित खबर मिलती है, जो उसके अतीत की उथल-पुथल को फिर से जागृत कर देती है। यह घटनाक्रम उसकी नई पहचान को चुनौती देते हुए उसे खुद के भीतर छिपे राक्षसों का सामना करने और भविष्य को आकार देने वाले निर्णय लेने पर मजबूर करता है।








