

Die (2010)
छह अलग-अलग जिंदगियां, हर एक अपने ही विनाश की राह पर अग्रसर। एक अवास्तविक, रहस्यमय ठिकाने पर, वे सब जागते हैं, अलग-अलग कोठरियों में बंद। उन्हें कुछ भी याद नहीं, न तो वे यहाँ कैसे पहुँचे, और न ही इस कैद का कारण। एक धुंधली स्मृति और अनिश्चित भविष्य के बीच, अस्तित्व का एक गहरा प्रश्न मंडरा रहा है। वे कौन हैं, और उन्हें यहाँ क्यों लाया गया है? जवाब ढूंढने की उनकी यात्रा, आत्म-खोज और अस्तित्व के लिए एक भयानक संघर्ष में बदल जाती है। क्या वे इस भयावह चक्रव्यूह से बाहर निकल पाएंगे?








