

David and Bathsheba (1951)
राजा डेविड, महल की छत से स्नान करती हुई सौंदर्यमयी बाथशेबा को देखते ही मोहित हो जाते हैं, और अनजाने में एक ऐसे व्यभिचार का मार्ग खोलते हैं, जिसके विनाशकारी परिणाम उनके परिवार और पूरे इस्राएल को भुगतने पड़ते हैं। यह एक प्रेम कहानी है, जो सत्ता और वासना के अंधे मोड़ पर, त्रासदी की गहराइयों में डूब जाती है। डेविड और बाथशेबा की कहानी, मानवीय दुर्बलता की एक शाश्वत गाथा है।








