

Crazy (2008)
नैशविल, 1950 का दशक, और एक असाधारण गिटार वादक का उदय। "क्रेज़ी" हैन्क गारलैंड की कहानी है, एक ऐसा नाम जो जल्द ही संगीत की दुनिया में गूंजने लगा। जन्मजात प्रतिभा के धनी, गारलैंड ने देखते ही देखते नैशविल के सर्वश्रेष्ठ सेशन प्लेयर के रूप में अपनी पहचान बना ली। उनकी उंगलियां जादू बिखेरती थीं, हर धुन में एक नया एहसास भर देती थीं। लेकिन सफलता की इस बुलंदी के पीछे छिपे संघर्ष और जुनून की दास्तान ही "क्रेज़ी" को एक अविस्मरणीय अनुभव बनाती है। यह फिल्म संगीत के दीवानों के लिए एक गहरा और प्रेरणादायक सफर है।








